परिहारविशुद्धि - जैनकोष
परिहार शुद्धि संयतों के उपशम सम्यक्त्व नहीं होता है क्योंकि तीस वर्ष के बिना परिहार शुद्धि संयम का होना संभव नहीं है। और न उतने काल ...
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परिहार शुद्धि संयतों के उपशम सम्यक्त्व नहीं होता है क्योंकि तीस वर्ष के बिना परिहार शुद्धि संयम का होना संभव नहीं है। और न उतने काल ...
2026年4月10日 · संयम मार्गणा: #5, परिहार विशुद्धि संयम का स्वरूप jainkosh 13.2K subscribers Subscribe
सामायिक छेदोपस्थापना, परिहारविशुद्धि, सूक्ष्म साम्पराय और यथाख्यात, इस तरह पाँच प्रकार का चारित्र है । समस्त सावद्ययोग का एक रूप ...
2017年11月6日 · परिहार विशुद्धि संयम विषय पर संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी के विचार जो जन्म से ३० वर्ष तक की अवस्था को सुख पूर्वक व्यतीत करके ...
उत्तर : परिहार विशुद्धि चारित्र वाले ‘परिहार’ नाम की तपस्या करते हैं। इसे केवल छेदोपस्थापनीय चारित्र वाले ग्रहण कर सकते हैं। ऐसे ...
2022年11月29日 · (३) परिहार विशुद्धि संयम-प्राणी वध की निवृत्ति को परिहार कहते हैं। चारित्र की जिस विशुद्धि से हिंसा का पूर्णरूपेण परिहार हो जाता है ...
तीसरे परिहार-विशुद्धि चारित्र में परिहार यानि गमन-आगमन की क्रिया-रूप प्रवृत्ति होते हुए विशिष्ट रूप से जीवों की रक्षा का भाव,
2026年4月5日 · परिहार विशुद्धि चारित्र | Parihaar vishudhi Charitra | Jinvani Gyan | जिनवाणी ज्ञान ...more
प्रायश्चित के नौ भेदों में आठवाँ भेद । पक्ष, मास आदि एक निश्चित समय के लिए दोषी मुनि को संघ से दूर कर देना परिहार कहलाता है ...
परिहार विशुद्धि चारित्र कब होता है? सूक्ष्म-साम्पराय और यथाख्यात चारित्र, पाँचों चारित्र में विशुद्धि का अन्तर ( सूत्र: -18) .